ধিমা ধিমা ধিমাধিমা ধিম ধিম ধিমক ধিমক ধিম
জিলিকা জিলিকা বুটা বচা সৌ আকাশৰ তৰাকো চা
জোনাকী হৈ যে জ্বলি আছ তয়ো ঘূৰি এবাৰ নিজলৈকো চা।
লাখৰ মাজত আছে এটা তৰা
নেমানে যি কথা আভূৱা ভৰা
আপোন বাটে চলে আপোনাতে জ্বলে
পোহৰ পাই আপোনপাহৰা
একতাৰাৰ তানে গুঞ্জে কাণে কাণে
সুৰ ধৰা ঐকতানে
*
धीमा धीमा
धीमाधीमा धीम
धीम
धीमक धीमक
धीम
जगमगाते जो सितारे रात भर उनको भी देख
जुगनू बन कर जल रहा है तू एक नज़र खुद को भी देख…
एक हैं
तारा लाखों
में
आये न
किसी की
वो बातों
में
रहे वो
चल कर
खुद में
जल कर
अपनी चाहत
की राहों
में
इकतारा बोले
चले चलो
चले
एक बनकर
हम अनेक...
Song from the
Disposable Theatre of Kankhowa
The Cloth Narrative,
Baroda, 2007
#কাণখোৱাৰগান
#DisposableTheatre
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