MERE GHAR MEIN AUR RAHTA HAIN KOYI
Mere ghar mein aur rahta hain koyi
(Main) dekh na paun
(Main) sun na paun
(Main) chhu na paun jinhe
(Ab) kaise batlaun
(Ab) kaise dikhlaun
Dil mein jo baatein hain unhe
Chand sitaaron mein
Main unhe chaahoon
Phool baharon mein
Main unhe chanhoon
Sudh bodh khokey
main unhi ki hokey
geet jo gaun
mujhe koyi na tokey
is jamaane mein aur….
Tarqeeb toh sikha de mukhe
Manta hoon Llon mein tujhe
“se aar lalon ek ghorey roy….
Tobu lokkho jojan faank re
मेरे घर में और रहता हैं कोई
(कनखोवा )
मेरे घर में और रहता हैं कोई
(मैं ) देख न पाऊं
(मैं ) सुन न पाऊं
(मैं ) छू न पाऊं जिन्हें
(अब ) कैसे बतलाऊ
(अब ) कैसे दिखलाऊ
दिल में जो बातें हैं उन्हें
चाँद सितारों में
मैं उन्हें चाहूँ
फूल बहारों में
मैं उन्हें चाहूँ
सुध बुध खोके
मैं उन्ही की होके
गीत जो गाऊं
मुझे कोई न टोके
इस जमाने में और ….
तरकीब तोह सिखा दे मुखे
मानता हूँ ल्लों(लालों) में तुझे
“से आर लालों एक घोरे रॉय ….
तोबु लोक्खो जोजन फांक रे
आमी एकदिनो न देखिलम तारे ….”
तोमर घोरे बोसोत कोरे कोयजोना
(पारम्परिक )
तोमर घोरे बस कोरे करा ओ मोन जानो न
तोमर घोरे बोसोत कोरे कोयजोना
एक जोना छोबी आंके एक्मोने ओ .. ओ ..मोन
आर एक जोना बोसे बोसे रोंग बाके (ओ ... ओ .. मोन )
आबार सेई छोबिखान नोस्तो कोरे कोन जोना … कोन जोना
तोमर घोरे बोसोत कोरे कोयजोना
एक जोना सुर तोले एकतारे ओ .. ओ ..मोन
आर एक जोना मोंदिराते ताल तोले (ओ .. ओ .. मोन )
अबर बे -सूरा सुर धोरे देखो कोन जोना … कोन जोना
तोमर घोरे बोसोत कोरे कोयजोना
रोस खाया होया मताल
ओई देखो हात फोसके जाय घोरार लगाम
आबार लगाम खाना धोरे देखो कोन जोना … कोन जोना
तोमर घोरे बोसोत कोरे कोयजोना
Jharokha hain
khula khula darwaaza
Mere ghar aana,
dost, mere ghar aana
Yug beete jaaye
haathon pe haath
Rakha nahin humne
ki nahin baat
Kaheki hain tana
bana kaheki hain hiskhichana
Jharokha hain
khula khula darwaaza
Kaise beetein
rain Kahan mile chain
Raha niharein
Vyakul nain
Kya fasaana kya
afsaana yah jina bhi hain kya jina
मालकौंश
झरोखा है खुला खुला दरवाजा
मेरे घर आना दोस्त मेरे घर आना ,
युग बीते जाए हाथों पे हाथ
रखा नहीं हमने की नहीं बात
काहेकी हैं ताना बना काहेकी हैं हिस्खिचाना
झरोखा हैं खुला खुला दरवाज़ा ,
कैसे बीतें रैन कहाँ मिले चैन
रहा निहारें व्याकुल नैन
क्या फ़साना क्या अफसाना यह जीना भ i हैं क्या जीना .
Kaisan zoorrat
kaisan sajaawat
Kahe banawat ghar
(re Manwa) kahe
banawat ghar.
Itni takalluf
haai re haai uff uff
Tadpe kyu
jindegee bhar…
Dhi dhi nana
dhidhinana dhidhinana
Dhi dhi nana
dhidhinana dhidhinana
Ghar banana tha
haaye re manwa bani makan
Ghar banane ki
baat ye jo bhi nahin asaan
Ghar makan do
baatein hain jo nahin samaan
Kahan se chal kar
kahan pahucha tu kis mukaam
Ek dar aa kar ke
ghar basa liya
Tere makan mein
Tu kahan jayega
hayere manwa
Raat dopahar mein
Apne hi ghar mein
bin bulaya hua tu mehmaan
Us dark e dar se
tu hoke beghar
Phirta chalta
dwar dwar
Kahe banawat
ghar…
मनवा , काहें बनावत घर
(कनखोवा)
कैसन जुर्रत कैसन सजावट
काहे बनावत घर
(रे मनवा ) काहे बनावत घर .
इतनी तकल्लुफ हाई रे हाई उफ़ उफ़
तडपे क्यों जिन्दगी भर …
धी धी नाना धिधिनना धिधिनना
धी धी नाना धिधिनना धिधिनना
घर बनाना था हाय रे मनवा बनी मकान
घर बनाने की बात ये जो भी नहीं आसान
घर मकान दो बातें हैं जो नहीं सामान
कहाँ से चल कर कहाँ पंहुचा तू किस मुकाम
एक दर आ कर के घर बसा लिया
तेरे मकान में
तू कहाँ जायेगा हायेरे मनवा
रात दोपहर में
अपने ही घर में बिन बुलाया हुआ तू मेहमान
उस दर के डर से तू होके बेघर
फिरता चलता द्वार द्वार
काहे बनावत घर …
House carrying song
Haiya re haiya
heyah heiyah
Haiya re haiya
hai
Is shahar mein
rahneko bhi jagah nahin jamee nahin
Ghar vasaneki
umeedon ki dekho koyi kami nahin
Na ashiyaana na
ashikaana
Yah baat kuch
jami nahin
HOUSE CARRYING SONG
(कनखोवा )
घर को उठा कर गाये जाने वाला गीत
हैया रे हैया हैया हैया
हैया रे हैया है
इस शहर में रहनेको भी जगह नहीं जमी नहीं
घर बसानेकी उमीदों की देखो कोई कमी नहीं
न आशियाना न आशिकाना
येह बात कुछ जमी नहीं .
ये तेरा घर ये मेरा घर
(जगजीत सिंह और चित्रा सिंह )
ये तेरा घर ये मेरा घर किसी को देखना हो गर
तो पहले आके मांग ले मेरी नज़र तेरी नज़र
ये तेरा घर ये मेरा घर ये घर बहुत हसीन है
ये घर बहुत हसीन है ये घर बहुत हसीन है
ना बादलों के छाओं में ना चांदनी के गाँव में
ना फूल जैसे रास्ते बने हैं इसके वास्ते
मगर ये घर अजीब है ज़मीन के करीब हँ
ये ईंट -पत्थरों का घर हमारी हसरतों का घर
ये तेरा घर ...
जो चांदनी नहीं तो क्या ये रौशनी है प्यार की
दिलों के फूल खिल गए तो फ़िक्र क्या बहार की
हमारे घर ना आएगी कभी ख़ुशी उधार की
हमारी राहतों का घर हमारी चाहतों का घर
ये तेरा घर ...
यहाँ महक वफाओं की मोहब्बतों का रंग है
ये घर तुम्हारा ख्वाब है ये घर मेरी उमंग है
ना आरज़ू पे क़ैद है ना हौसले पे जंग है
हमारे हौसलों का घर हमारी हिम्मतों का घर
ये तेरा घर ...
[Songs from the Disposable House project by Kankhowa. Disposable Theatre Songs]
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